बारां/राजस्थान। बारां जिले की अंता विधानसभा से भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा को हाईकोर्ट से तगड़ा झटका मिला। 20 साल पहले रामनिवास मेहता तत्कालीन एसडीएम पर पर कंवरलाल मीणा ने रिवाल्वर तान दी थी। जान से मारने की धमकी के आरोप भी लगे। केस में निचली अदालत ने मीणा को 3 साल की सजा सुनाई, तो विधायक ने हाईकोर्ट में उक्त फैसले को लेकर अपील की। लेकिन हाईकोर्ट ने बीजेपी एमएलए की अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने विधायक को तत्काल निचली कोर्ट में सरेंडर करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में बीजेपी के अंता विधायक कंवरलाल मीणा को जेल जाना पड़ेगा।
एडीजे कोर्ट ने सुनाया था सजा का फैसला
झालावाड़ जिले के अकलेरा के 20 साल पुराने बहुचर्चित मामले में साल 2020 में एडीजे कोर्ट ने उक्त प्रकरण में विधायक कंवरलाल मीणा को दोषी मानते हुए 3 साल सजा सुनाई थी और 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था। बीजेपी नेता कंवरलाल मीणा पर तत्कालीन उपखंड अधिकारी रामनिवास मेहता पर रिवॉल्वर तानने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप था।
अकलेरा के तत्कालीन एसडीएम रामनिवास मेहता ने 5 फरवरी 2005 को झालावाड़ कलेक्टर को पत्र लिखा था कि 3 फरवरी को मनोहरथाना के पास गांव के लोगों ने खाताखेड़ी के उपसरपंच के चुनाव का रिपोल कराने को लेकर रास्ता रोक रखा था। प्रशिक्षु आईपीएस सहित अन्य स्टाफ समझाइश कर रहा था। इतने में कंवरलाल अपने साथियों के साथ मौके पर आया और उसके सिर पर रिवाल्वर लगाकर 2 मिनट में रिपोल की घोषणा नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी।उसने विभाग की ओर से करवाई वीडियोग्राफी की कैसेट भी तोड़कर जला दी।
परिवादी और राज्य सरकार ने की अपील
घटना के वक्त दो थाना अधिकारी, एक आरपीएस भी मौजूद थे। लेकिन उन्होंने विरोध नहीं किया। कलेक्टर की ओर से इस पत्र को एसपी को भेजने के बाद 9 फरवरी को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। निचली अदालत में आरोप पत्र पेश किया। एसीजेएम मनोहरथाना ने 2 अप्रैल 2018 को केस कंवरलाल को बरी कर दिया। लेकिन परिवादी और राज्य सरकार की अपील पर एडीजे कोर्ट अकलेरा ने 14 दिसंबर 2020 को कंवरलाल मीणा को 3 साल की सजा के साथ 25000 रुपए का जुर्माना लगाया था।

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