
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। टीवीएस समूह के वेणु श्रीनिवासन परिवार में उत्तराधिकार और संपत्ति के बंटवारे को लेकर चल रहा विवाद टीवीएस होल्डिंग्स लिमिटेड और टीवीएस मोटर कंपनी के संचालन तथा प्रबंधन के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। हालांकि, स्वामित्व के हस्तांतरण और प्रबंधन में बदलाव से जुड़े कदम औपचारिक कॉरपोरेट प्रक्रियाओं के माध्यम से उठाए गए हैं। कॉरपोरेट प्रशासन पर सलाह देने वाली कंपनी इनगवर्न ने रविवार को जारी अपनी रिपोर्ट में यह आकलन किया।
इनगवर्न के मुताबिक, इस विवाद को लेकर अल्पांश शेयरधारकों की सबसे बड़ी चिंता परिवार की निजी संपत्ति के बंटवारे से नहीं, बल्कि उत्तराधिकार के अधिकारों, प्रवर्तकों के नियंत्रण और प्रबंधन व्यवस्था की स्पष्टता से जुड़ी है। निवेशक यह जानना चाहते हैं कि इन व्यवस्थाओं को कितनी कानूनी निश्चितता हासिल है और उनसे संबंधित जानकारी शेयर बाजार तथा आम शेयरधारकों के सामने कितनी पारदर्शिता से रखी गई है।
वेणु श्रीनिवासन परिवार में संपत्ति और कारोबार के बंटवारे को लेकर मतभेद सामने आने के बाद यह विवाद अक्टूबर में सार्वजनिक हुआ था। वेणु श्रीनिवासन टीवीएस होल्डिंग्स के चेयरमैन हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी निजी संपत्तियों और परिवार के कारोबार को पारदर्शी तरीके से अलग कर दिया है। दूसरी ओर, उनकी पत्नी मल्लिका श्रीनिवासन और बेटी लक्ष्मी वेणु का कहना है कि परिवार के भीतर संपत्ति को लेकर कोई आर्थिक समझौता नहीं हुआ है।
इस विवाद के केंद्र में 21 मार्च 2024 को वेणु श्रीनिवासन, मल्लिका श्रीनिवासन, लक्ष्मी वेणु और उनके बेटे सुदर्शन वेणु के बीच हुआ समझौता ज्ञापन है। टीवीएस होल्डिंग्स ने 22 मार्च 2024 को इसकी जानकारी राष्ट्रीय शेयर बाजार को दी थी। उस समय कंपनी ने कहा था कि इस समझौते से उसके कारोबार या सामान्य कामकाज जारी रखने की क्षमता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
हालांकि, इनगवर्न की रिपोर्ट के अनुसार, शेयर बाजार को दी गई सूचना में समझौता ज्ञापन की शर्तों का विस्तृत खुलासा नहीं किया गया था। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया था कि परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति से जुड़े सभी आर्थिक हितों का अंतिम निपटारा हो चुका है या नहीं। मल्लिका श्रीनिवासन और लक्ष्मी वेणु लगातार यह कहती रही हैं कि मार्च 2024 के समझौते को परिवार के आर्थिक हितों के पूर्ण निपटारे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
वहीं, वेणु श्रीनिवासन का पक्ष है कि संबंधित संपत्तियां उनकी निजी संपत्ति हैं और उन्हें अपनी इच्छा के अनुसार उनका इस्तेमाल करने का अधिकार है। उनका यह भी कहना है कि टीवीएस समूह से जुड़े व्यापक समझौते के तहत 10 दिसंबर 2020 को उनके दोनों बच्चों के बीच संपत्तियों का बंटवारा निष्पक्ष और समान तरीके से किया गया था।
इनगवर्न ने स्पष्ट किया है कि उसकी रिपोर्ट परिवार के सदस्यों के बीच एक-दूसरे के दावों पर फैसला नहीं देती। कंपनी ने निजी व्यवस्थाओं की वैधता, निष्पक्षता या उनके क्रियान्वयन की क्षमता पर भी कोई राय नहीं दी है। उसका आकलन केवल सूचीबद्ध कंपनियों के संचालन, कॉरपोरेट प्रशासन, सूचना के खुलासे और अल्पांश शेयरधारकों पर संभावित प्रभाव तक सीमित है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि स्वामित्व और प्रबंधन के हस्तांतरण से जुड़े कुछ कदम पहले ही घोषित कॉरपोरेट प्रक्रियाओं के तहत उठाए जा चुके हैं। टीवीएस होल्डिंग्स के घोषित प्रवर्तक के रूप में वीएस ट्रस्ट का नाम दर्ज है। अप्रैल 2025 में ट्रस्ट के माध्यम से सुदर्शन वेणु को कंपनी का महत्वपूर्ण लाभकारी स्वामी बताया गया था। इसके अलावा, वेणु श्रीनिवासन ने 23 अप्रैल 2025 को टीवीएस होल्डिंग्स के 13,73,347 शेयर, यानी कंपनी की कुल इक्विटी का 6.79 प्रतिशत हिस्सा, बाजार से बाहर हस्तांतरण के जरिए वीएस ट्रस्ट को देने की जानकारी दी थी।
सुदर्शन वेणु की प्रबंधन संबंधी जिम्मेदारियों को भी औपचारिक रूप दिया गया है। टीवीएस होल्डिंग्स के प्रबंध निदेशक के रूप में उनकी नियुक्ति को शेयरधारकों ने डाक मतपत्र के जरिए मंजूरी दी थी। वहीं, टीवीएस मोटर के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक के रूप में उनकी पदोन्नति को कंपनी के निदेशक मंडल ने स्वीकृति दी थी। यह नियुक्ति 25 अगस्त 2025 से प्रभावी हुई थी और इसकी जानकारी शेयर बाजारों को दी गई थी।
वर्तमान में सुदर्शन वेणु टीवीएस मोटर का नेतृत्व कर रहे हैं। वह टीवीएस होल्डिंग्स के प्रबंध निदेशक और समूह की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी टीवीएस क्रेडिट सर्विसेज के चेयरमैन भी हैं। इनगवर्न का मानना है कि प्रबंधन की जिम्मेदारियों को औपचारिक रूप देने और घोषित स्वामित्व को परिचालन नेतृत्व के अनुरूप बनाने से कारोबार में निरंतरता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इससे किसी एक व्यक्ति पर अत्यधिक निर्भरता से जुड़े जोखिम भी कम हो सकते हैं।
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि कॉरपोरेट स्तर पर स्वामित्व और प्रबंधन में किए गए बदलाव अपने आप यह साबित नहीं करते कि परिवार के सभी सदस्यों के आर्थिक अधिकारों का व्यापक स्तर पर अंतिम निपटारा हो चुका है। ऐसे में परिवार के बीच समझौते की शर्तों और उत्तराधिकार संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर स्पष्टता निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब मौजूदा नेतृत्व के तहत टीवीएस मोटर ने मजबूत कारोबारी वृद्धि दर्ज की है। ऐसे में निवेशकों की नजर केवल परिवार के आंतरिक विवाद पर ही नहीं, बल्कि कंपनी के भविष्य के नेतृत्व, प्रबंधन की निरंतरता और कॉरपोरेट प्रशासन में पारदर्शिता पर भी रहेगी।

