आईटीसी लिमिटेड के बोर्ड ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी स्प्राउटलाइफ फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के विलय को मंजूरी दे दी है।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। देश की प्रमुख एफएमसीजी कंपनियों में शामिल आईटीसी लिमिटेड ने अपने खाद्य कारोबार को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। कंपनी के निदेशक मंडल ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी स्प्राउटलाइफ फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के आईटीसी में विलय की योजना को मंजूरी दे दी है। स्प्राउटलाइफ फूड्स लोकप्रिय स्वास्थ्यवर्धक खाद्य ब्रांड ‘योगा बार’ के तहत प्रोटीन बार, म्यूसली, ओट्स और पीनट बटर जैसे उत्पादों का निर्माण और बिक्री करती है। कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि प्रस्तावित विलय के लिए आवश्यक नियामकीय और अन्य मंजूरियां ली जाएंगी। योजना के अनुसार, विलय की प्रभावी तिथि 1 अप्रैल 2026 प्रस्तावित है।
आईटीसी के मुताबिक, इस विलय से दोनों कंपनियों के कारोबारी संचालन को एकीकृत करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही वित्तीय और प्रबंधकीय संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा तथा कामकाज की दक्षता बढ़ेगी। विलय के बाद कंपनी का संगठनात्मक ढांचा भी पहले की तुलना में सरल हो जाएगा। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं और कारोबारी फैसलों में बेहतर तालमेल स्थापित करने की उम्मीद है।
वित्त वर्ष 2025-26 में स्प्राउटलाइफ फूड्स का कारोबार 451.71 करोड़ रुपये रहा, जबकि इसी अवधि में आईटीसी का कारोबार 80,867.49 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। दोनों कंपनियों के कारोबार के आकार में बड़ा अंतर है। आईटीसी के कुल कारोबार की तुलना में स्प्राउटलाइफ का योगदान भले ही सीमित हो, लेकिन ‘योगा बार’ के जरिए कंपनी ने स्वास्थ्य और पोषण आधारित खाद्य उत्पादों के बाजार में अपनी अलग पहचान बनाई है। तेजी से बढ़ते इस क्षेत्र में आईटीसी की मौजूदगी को मजबूत करने के लिहाज से भी यह विलय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस सौदे का एक अहम पहलू यह है कि स्प्राउटलाइफ फूड्स पहले से ही आईटीसी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। ऐसे में प्रस्तावित विलय के लिए आईटीसी को नए शेयर जारी करने की जरूरत नहीं होगी और मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी में भी बदलाव नहीं होगा। यानी इस योजना के तहत कंपनी के शेयरधारकों को किसी नए शेयर आवंटन के कारण अपनी हिस्सेदारी में कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, विलय की प्रक्रिया निर्धारित कानूनी और नियामकीय औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही आगे बढ़ेगी।
स्प्राउटलाइफ फूड्स के विलय को आईटीसी की खाद्य कारोबार रणनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। कंपनी पहले ही अपने उत्पाद पोर्टफोलियो में पारंपरिक खाद्य पदार्थों के साथ स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े उत्पादों का विस्तार कर रही है। ‘योगा बार’ जैसे ब्रांड को सीधे अपने कारोबारी ढांचे में शामिल करने से उत्पादन, वितरण, प्रबंधन और वित्तीय संसाधनों के बेहतर समन्वय की संभावना बनेगी। अब निवेशकों की नजर विलय की आगे की प्रक्रिया और आवश्यक मंजूरियों पर रहेगी।

