MCX ने Q2 में 130% मुनाफा वृद्धि दर्ज की, लेकिन विश्लेषकों के अनुमान से कम लाभ और बढ़े हुए परिचालन खर्चों के कारण इसके शेयर 6.89% गिर गए। कंपनी का परिचालन राजस्व 114% बढ़ा, फिर भी मुनाफा उम्मीद से 14% कम रहा।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। देश में सोने और चांदी के वायदा कारोबार का प्रमुख मंच मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एमसीएक्स) के शेयरों में कंपनी के तिमाही नतीजे घोषित होने के बाद गिरावट दर्ज की गई। खास बात यह रही कि कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 130 प्रतिशत से अधिक बढ़ा, इसके बावजूद बुधवार के कारोबार में शेयर 6.89 प्रतिशत टूटकर 3,252.50 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गए। बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह मुनाफे का विश्लेषकों के अनुमान से कम रहना और परिचालन खर्च में बढ़ोतरी मानी जा रही है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में 454.57 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 130.2 प्रतिशत अधिक है। कारोबार की मात्रा में बढ़ोतरी और परिचालन आय में सुधार से कंपनी के मुनाफे को मजबूती मिली। हालांकि, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुमान की तुलना में यह मुनाफा करीब 14 प्रतिशत कम रहा। ब्रोकरेज के मुताबिक, परिचालन खर्च बढ़ने और ऊंची कर दर का असर कंपनी के शुद्ध लाभ पर पड़ा।

वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में भी कंपनी का प्रदर्शन सालाना आधार पर बेहतर रहा। इस अवधि में शुद्ध मुनाफे में 117 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इससे स्पष्ट है कि कारोबार और आय में तेजी के बावजूद खर्चों का दबाव कंपनी के वित्तीय नतीजों को प्रभावित कर रहा है।

राजस्व के मोर्चे पर एमसीएक्स ने मजबूत प्रदर्शन किया। दूसरी तिमाही में कंपनी की परिचालन आय करीब 800 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 114 प्रतिशत और पिछली तिमाही से 14 प्रतिशत अधिक है। यह आंकड़ा ब्रोकरेज के अनुमान के अनुरूप रहा। वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व सालाना आधार पर लगभग दोगुना हो गया।

हालांकि, खर्चों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली। कर्मचारियों से जुड़े खर्च सालाना आधार पर 25 प्रतिशत बढ़कर 56.2 करोड़ रुपये हो गए। वहीं, अन्य खर्च 54 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 130 करोड़ रुपये तक पहुंच गए। अन्य खर्चों का यह स्तर ब्रोकरेज के अनुमान से करीब 33 प्रतिशत अधिक रहा। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मुनाफे में बढ़ोतरी के बावजूद अनुमान से कमजोर नतीजे और खर्चों में तेजी शेयरों पर दबाव की वजह बन सकते हैं।

इसी बीच, 4 नवंबर को सोने और चांदी के वायदा भाव में तेजी दर्ज की गई। 4 दिसंबर 2026 की डिलीवरी वाला सोना वायदा 3,246 रुपये बढ़कर 1,42,698 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। वहीं, 4 दिसंबर 2026 की डिलीवरी वाली चांदी 6,902 रुपये की बढ़त के साथ 1,86,600 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

एमसीएक्स पर सोने-चांदी सहित विभिन्न जिंसों के वायदा कारोबार में निवेशकों की सक्रियता कंपनी की आय को प्रभावित करती है। ऐसे में आने वाले समय में कारोबार की मात्रा, परिचालन खर्च और मुनाफे के अनुमानों पर बाजार की नजर बनी रहेगी।

(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। टाइम्स ऑफ नेशन बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)

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