
खेल डेस्क। भारत की 4×400 मीटर मिक्स्ड रिले टीम ने साउथ अफ्रीका के गुमी में 26वीं एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में बेहतरीन प्रदर्शन किया। भारतीय 4X400 मीटर मिक्स्ड रिले टीम ने अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखा। अलग-अलग स्पर्धाओं में 4 सिल्वर और एक कांस्य पदक जीतने के बाद भारत ने दूसरे दिन 28 मई तक कुल 8 पदक जीते। इन पदकों में गुलवीर सिंह का गोल्ड मेडल भी शामिल है।
बता दें कि, गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर में गोल्ड जीता था। तो रुपल चौधरी, संतोष कुमार, विशाल टीके और सुभा वेंकटेशन की भारतीय चौकड़ी ने 3:18.12 सेकेंड के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता। चीन की टीम 3:20.52 सेकंड का समय लेकर दूसरे स्थान पर रही, जबकि श्रीलंका ने 3:21.95 सेकंड के साथ कांस्य पदक जीता। अमेरिका में रहने वाले तेजस्विन शंकर भारत के सिल्वर मेडलिस्टों में से एक थे। तेजस्विन शंकर ने 7618 का स्कोर जमा करके डेकाथलॉन में दूसरा स्थान हासिल किया। वह चीन के फेई जियांग से पीछे और जापान के कीसुके ओकुडा से आगे रहे।
रूपल ने दिन में पहले महिला 400 मीटर स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता। रूपल और पूजा मामूली अंतर से गोल्ड जीतने से चूक गईं। दोनों को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। इससे पहले पुरुष 1500 मीटर में भारत के यूनुस शाह ने देश के लिए कांसा जीता।
रूपल चौधरी ने महिलाओं के 400 मीटर फाइनल में 52.68 सेकेंड का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया। ये भारत के लिए दिन का पहला मेडल था। इसी स्पर्धा में हमवतन विथ्या रामराज 53.00 सेकेंड के समय के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। जापान की नानाको मात्सुमोतो ने गोल्ड मेडल, जबकि उज्बेकिस्तान की जोनबीती हुकमोवा ने कांस्य पदक जीता। रूपल चौधरी ने 2022 में वर्ल्ड अंडर 20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 2 मेडल अपने नाम करने वाली पहली भारतीय एथलीट बनकर इतिहास रचा था। रूपल ने तब 4×400 मीटर रिले में रजत और महिलाओं की 400 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था।

