
कौशांबी/उत्तर प्रदेश। कौशांबी के दारानगर म्योहरा गांव में चाउमीन बनाने के एक कारखाने में आग लगने से दो नाबालिग लड़कियों समेत तीन मजदूर झुलस गए। बेहोशी की हालत में निकाले गए मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। कडधाम कोतवाली क्षेत्र के दारानगर म्योहरा गांव में सोमवार को चाउमीन बनाने के मिनी कारखाने में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। नाबालिक दो लडकियों सहित 3 मजदूर झुलस गए।आग की सूचना पर पहुंचे फायर विग्रेड कर्मियों ने किसी प्रकार आग पर काबू पाया। इस दौरान दरवाजा और खिड़की तोड़कर अंदर फंसे मजदूरों को बाहर निकाला गया। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
नाबालिग रवि, संध्या और राधा कडाधाम दारानगर के रहने वाले हैं। आग के बीच फंसे तीनों को निकालने के लिए खिडकी और दरवाजा तोड़कर कारखाना के अंदर दाखिल हुए। अग्निशमन कर्मियों ने बेहोसी की हालत में बाहर लाए। जिन्हें एम्बूलेंस की सहायता से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना को लेकर जहां कुछ लोग विद्युत शार्ट सर्किट से आग लगने की चर्चा कर रहे है, वहीं कुछ सिलेण्डर लीकेज होने की बातें कर रहे है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि शुक्रवार को भी कारखाने में आग लग गई थी। जिसमें सुनील कुमार प्रजापति नाम का मजदूर गंभीर रूप से झुलस गया था, जब कि मोहित और मुरारी केसरवानी मामली रूप से झुलसे थे। जिनका इलाज अभी भी जिला अस्पताल में चल रहा है। तीन दिनों के बीच हुए दो बार अग्निकांड से कारखाने में काम करने वालो के बीच दहशत व्याप्त हो गई है। इस मामले में कोतवाली प्रभारी कडाधाम धीरेन्द्र सिंह ने बताया कि घटना को लेकर जांच शुरू कर दी गई है, अग्निकांड का सही कारण पता नहीं चल सका है। जल्द ही पता लगाया जाएगा।

