सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने सरकार बनने के 24 घंटे के भीतर अग्निवीर योजना को समाप्त करने की घोषणा कर दी है।

अयोध्या,उत्तर प्रदेश। समाजवादी पार्टी के अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद ने अग्निवीर योजना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसे समाप्त करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और इसके बाद केंद्र में भी सरकार बनाने का लक्ष्य है। केंद्र में सपा की सरकार बनने पर अग्निवीर व्यवस्था को 24 घंटे के भीतर खत्म कर सेना में पहले की तरह स्थायी भर्ती व्यवस्था बहाल की जाएगी।
अवधेश प्रसाद ने केंद्र सरकार की ओर से अग्निवीरों के लिए घोषित दो साल की अतिरिक्त सेवा व्यवस्था पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चार साल की सेवा को छह साल तक बढ़ाने से युवाओं की समस्या का समाधान नहीं होगा। उनका सवाल था कि छह साल तक सेना में सेवा देने के बाद अग्निवीरों का भविष्य क्या होगा? उन्होंने कहा कि सेना में भर्ती होने वाले युवाओं को स्थायी नौकरी और लंबे समय तक देश की सेवा करने का अवसर मिलना चाहिए।
सपा सांसद ने कहा कि उनकी पार्टी अग्निवीर योजना का लगातार विरोध करती रही है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश का चुनाव जीतकर सरकार बनाएगी और आगे केंद्र में भी सत्ता हासिल करेगी। इसके बाद अग्निवीर योजना समाप्त कर सेना में पहले से चली आ रही भर्ती व्यवस्था को फिर से लागू किया जाएगा।
अवधेश प्रसाद ने सेना के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि भारतीय सेना का गौरवशाली इतिहास रहा है और पूरी दुनिया उसकी क्षमता का लोहा मानती है। उन्होंने कहा कि सेना की प्रतिष्ठा और मजबूती बनाए रखना जरूरी है। उनकी दलील है कि सैनिकों की भर्ती और सेवा से जुड़ी व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें युवाओं को भविष्य की सुरक्षा और स्थायी रोजगार का भरोसा मिल सके।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना शुरू की थी। इसके तहत साढ़े 17 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को चार साल के लिए अग्निवीर के रूप में सेना में भर्ती करने का प्रावधान किया गया था। मूल व्यवस्था के अनुसार, चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को योग्यता के आधार पर नियमित सेवा में शामिल किया जाना था, जबकि शेष को सेवा निधि पैकेज के साथ सेवा से मुक्त किया जाना था।
इसी व्यवस्था में अब केंद्र सरकार ने बदलाव किया है। 4 नवंबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद शुरुआती चार साल की सेवा पूरी करने वाले शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का विकल्प दिया गया है। इस अवधि के बाद उनकी इच्छा और निर्धारित चयन मानदंडों के आधार पर उन्हें नियमित सैनिक के रूप में शामिल किए जाने का अवसर मिलेगा। अतिरिक्त सेवा अवधि के दौरान उन्हें बेहतर वेतन, बढ़ा हुआ सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता संबंधी लाभ देने का भी प्रावधान किया गया है।
केंद्र के इस फैसले के बाद अग्निवीर योजना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद ने सरकार के नए फैसले को अपर्याप्त बताते हुए योजना को पूरी तरह समाप्त करने और पुरानी भर्ती व्यवस्था बहाल करने की मांग दोहराई है।

